15 मार्च और 16 मार्च 2021 को, देश के सभी सरकारी और ग्रामीण बैंकों की हड़ताल है। Bank strike news

आखिर क्यूँ है ये हड़ताल ?

सरकार की, बैंक बेचने की नीति (नीजीकरण) के विरोध में, अर्थात सरकार की हिस्सेदारी घटाने के विरोध में, बैंककर्मी हड़ताल पर हैं . ये निति, जन विरोधी है .  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने, बजट के दौरान, दो और सरकारी बैंकों के निजीकरण की घोषणा की। हालाँकि, अभी उन बैंकों का नाम साफ नहीं हुआ है . नाम जो भी हो, पर ग्राहकों को आगे चलकर, मुश्किलें ही होंगी.

इस हड़ताल में,  बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लगभग सभी संगठन शामिल हैं। अब तो, पीएसयू बैंकों के हड़ताल का आह्वान का साथ देने के लिए ग्रामीण बैंक भी आ गए हैं।

पिछले १ सप्ताह से ही ट्विटर पर ‘हम देश नहीं बिकने देंगे’, या, बैंक बचाओ देश बचाओ, जैसे हैशटैग के जरिए, निजीकरण के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी है। युवा बैंकर,  इसमें भरपूर सहयोग कर रहे है. उनका मानना है की, केंद्र सरकार, धड़ाधड़ राष्ट्रीय संपत्तियों को बेच रही है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में कटौती हो रही है। वहीँ वर्तमान में, कार्यरत क्रमचारियों के साथ साथ, बैंक ग्राहकों के  लिए भी मुश्किलें हो सकती है .

जीरो बैलेंस वाला बैंक अकाउंट,  कब १०,००० रुपये बैलेंस, वाले खाते में बदल जायेगा, पता भी नहीं चलेगा. १७ रुपये SMS चार्ज कब १७० में बदलेगा अंदाजा भी नहीं लगा सकते.

सरकारी स्कीम PMSBY, PMJJBY, SSY, scss, PPF , गोल्ड बांड सेलिंग, जन धन योजना, वर्धा पेंशन सब सरकारी बैंक में ही मुमकिन है . निजी बैंक में नहीं. कस्टमर सर्विस के नाम पर, निजी बैंक किस तरह जेब काट ते है, आप जानते ही है .

डिजिटल बैंकिंग इंडिया परिवार इस मुहीम में, बैंकर्स का समर्थन करता है. बैंकर्स अभी सिर्फ २ ही दिन हड़ताल पर है

कहने को बहुत कुछ है पर फिलहाल इतना ही, बाकि अगले विडियो में. इस विडियो को, अधिक से अधिक, जनता तक पहुंचाएं , और सरकारी बैंकों की उनके जीवन में अहमियत का अहसास कराएँ.

जय हिन्द.